नर्मदापुरम के सोहागपुर एसडीएम ऑफिस में शुक्रवार ज्ञापन देने आए आदिवासी धरने पर बैठ गए। अधिकारियों के ज्ञापन लेने नहीं पहुंचने से नाराज आदिवासी समाज के लोग गेट के पास करीब पौन घंटे तक बैठे रहे। तहसीलदार रामकिशोर झरबड़े के मौके पर पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और ज्ञापन सौंपा गया। बता दें सोहागपुर के ग्राम केवलारी का है। जहाँ एक दबंग पर आदिवासी ग्रामीण से मारपीट कर और उसकी जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। इसी न्याय की गुहार लेकर शुक्रवार सैकड़ों आदिवासी महिला पुरुष एसडीएम दफ्तर पहुंचे थे। आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अतुल बड़ीवा ने बताया विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन की सूचना अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। बावजूद इसके जब ग्रामीण कार्यालय पहुंचे तो, न तो वहां एसडीएम मौजूद थे और न ही तहसीलदार। अधिकारियों की इस गैरमौजूदगी से नाराज ग्रामीण कार्यालय के गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल की मौजूदगी में यह धरना हुआ। पौन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज हंगामा और घेराव के बाद तहसीलदार रामकिशोर झरबड़े पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीणों चेतावनी दी है कि जल्द ही दबंगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र होगा। समय पर ज्ञापन देने नहीं आएं सोहागपुर एसडीएम प्रियंका भलावी ने बताया केवलारी में निजी भूमि से एक व्यक्ति का अतिक्रमण हटाया गया है। उसी संबंध में आदिवासी संगठन द्वारा ज्ञापन सौंपने का समय शुक्रवार दोपहर 12 बजे दिया था। पर वे लोग समय पर नहीं आएं। ज्ञापन देने दोपहर 2 बजे आएं, जब मैं कमिश्नर सर की मीटिंग होने से नर्मदापुरम, एक नायब तहसीलदार भी निर्वाचन संबंधी काम से नर्मदापुरम गए थे। तहसीलदार और दूसरे नायब तहसीलदार माछा गए थे।


