दबंगों ने रोकी अंतिम यात्रा, 31 घंटे बाद अंत्येष्टि:छिंदवाड़ा में मुक्तिधाम मार्ग को बताया निजी जमीन; गिड़गिड़ाने के बाद भी नहीं दिया रास्ता

छिंदवाड़ा के उमरेठ तहसील के सतनूर गांव में 31 घंटे बाद एक महिला के शव का अंतिम संस्कार हो सका। मुक्तिधाम (श्मशान) जाने वाले रास्ते को लेकर जमीनी विवाद चल रहा है। इसके चलते अंतिम यात्रा 31 घंटे तक नहीं निकल सकी। दबंगों ने रास्ते को अपनी निजी जमीन बताकर शव ले जाने से रोक दिया। रास्ता नहीं मिलने पर परिजन को मजबूरी में शव को घर में ही रखना पड़ा। प्रशासन और हिंदूवादी संगठनों के हस्तक्षेप के बाद अगले दिन वैकल्पिक मार्ग से अंतिम संस्कार कराया जा सका। परिजन के अनुसार, इंदिरा बाई (62) पति झिनो मांडेकर की बुधवार (31 दिसंबर) सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया था। मृतका के बेटे रामदास और परिवार ने दोपहर तक अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली थी, लेकिन श्मशान मार्ग पर कब्जा किए परिवार ने शव के वहां से ले जाने पर मना कर दिया। पुलिस पहुंची, फिर भी नहीं माने दबंग
बुधवार को दबंगों की ओर से रास्ता देने से मना करने पर परिजन, सरपंच और सचिव के पहुंचे। मृतका का बेटा रास्ते देने के लिए सरपंच के सामने गिड़गिड़ाता रहा। सरपंच के कहने के बाद भी दबंग नहीं माने। इसके बाद नायब तहसीलदार को सूचना दी गई। पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सूर्यास्त हो चुका था और बुधवार को अंतिम संस्कार करना संभव नहीं था। 31 घंटे बाद वैकल्पिक रास्ते से अंतिम संस्कार
गुरुवार दोपहर पुलिस के हस्तक्षेप और हिंदूवादी संगठनों की मौजूदगी में वैकल्पिक निजी मार्ग से अंतिम यात्रा निकाली गई। दोपहर 1 बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रामदास मांडेकर और परिजन प्रशासन से श्मशान जाने वाले रास्ते का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं। आरोप- 2 एकड़ जमीन पर दबंगों का कब्जा
सतनूर गांव में मुक्तिधाम जाने वाला रास्ता पूरी तरह से गोली परिवार की निजी भूमि से होकर गुजरता है। इसका कोई वैकल्पिक सरकारी रास्ता नहीं है। इससे पहले भी कई विवाद हो चुके हैं। प्रशासन ने 12 फीट चौड़ा रास्ता बनाने का आदेश दिया था, लेकिन गोली परिवार ने इसे लेकर हाईकोर्ट में अपील कर दी, जिसका निपटारा अब तक नहीं हुआ। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दबंगों ने मुक्तिधाम की दो एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है और रास्ता रोककर अक्सर विवाद करते हैं। तहसीलदार बोलीं- मामला कोर्ट में विचाराधीन
उमरेठ तहसीलदार ज्योति ढोक ने बताया कि मोक्षधाम जाने वाले मार्ग का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और वैकल्पिक निजी मार्ग से महिला का अंतिम संस्कार कराया गया। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है।

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