प्रदेश में नगर वन की तर्ज पर गांवों में ग्राम वन विकसित किए जाएंगे। वन विभाग के अधिकारी पंचायत और ग्रामीण विकास के माध्यम से गांवों की सरकारी जमीन पर वनीकरण का यह काम कराएंगे। साथ ही वन विभाग ने फैसला किया है कि वन और वन्य-जीव प्रबंधन के विस्तार की योजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा ट्री-आउट साइड फॉरेस्ट (टीओएफ) को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। जिसे लागू करने का काम किया जाएगा। यह फैसला वन विभाग की दो दिनों तक चली मंथन बैठक में लिया गया है। मंथन के दूसरे दिन वन अफसरों की टीम ने प्रदेश के कृषकों की निजी भूमि पर बांस रोपण को प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया का सरलीकरण करने पर विचार किया। साथ ही वन समितियों के माध्यम से वन विकास अभिकरण का उपयोग कर राशि के उपयोग को पुनर्जीवित किए जाने पर विचार किया गया। वन विभाग द्वारा नए प्रोटोकाल विकसित करने के लिए बदलते सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। मंथन में वन और वन्य-जीव प्रबंधन के विस्तार की योजना तैयार कर जंगलों में रहने वाले वन्य-प्राणियों का बेहतर प्रबंधन करने के लिए नए आयामों की रूपरेखा तैयार की गई है। मंथन में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा


