कर्मियों ने एचईसी निदेशकों को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कार्यालय में बैठने नहीं देंगे

एचईसी में सप्लाई कर्मियों के विरोध के कारण कंपनी को प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। शुक्रवार को एचईसी के सप्लाई कर्मी बड़ी संख्या में एचईसी नेहरू पार्क में जुटे। नेहरू पार्क से 11 बजे पारंपरिक हथियार के साथ जुलूस के रूप में घंटों मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन और सभा की। वक्ताओं ने निदेशकों पर आरोप लगाया कि वे सप्लाई कर्मियों को भड़का कर आंदोलन करवाना चाहते हैं। एक सितंबर 2023 से आज तक का पीएफ लेजर, वेतन स्लिप देना होगा। समिति ने 48 घंटे का समय दिया है कि प्रबंधन वार्ता कर सभी समस्याओं का निदान करे, नहीं तो किसी भी निदेशक को कार्यालय में बैठने नहीं देंगे। अध्यक्षता रंथू लोहरा ने की। सभा को मनोज पाठक, ओवैसी आजाद, आरके शर्मा, मोइन अंसारी आदि ने भी संबोधित किया। इधर, स्थायी कर्मियों में भी सिर्फ 15 दिन का वेतन दिए जाने की नाराजगी दिखी। शुक्रवार को एचएमबीपी के एक शॉप में काम बंद रहा। 1400 सप्लाई कर्मी काम पर नहीं आ रहे : लीलाधर एचईसी में सप्लाई कर्मियों का विरोध कंपनी के लिए गंभीर संकट बन गया है, जिससे प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। यह कहते हुए हटिया प्रोजेक्ट वर्कर यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने बताया कि सप्लाई कर्मियों का रिनुअल अभी तक नहीं हुआ है। 31 दिसंबर तक इसे पूरा करना था, लेकिन आउटसोर्सिंग कंपनियों के कुछ क्लियरेंस न होने के कारण कर्मियों के कार्ड बने नहीं हैं। इस कारण 1400 सप्लाई कर्मी काम पर नहीं आ रहे हैं, जिससे उत्पादन पूरी तरह प्रभावित है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *