एशिया के प्रसिद्ध सारंडा वन क्षेत्र के विकास के लिए बना सारंडा एक्शन प्लान अब भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है। 2011-12 में नक्सल प्रभावित मनोहरपुर प्रखंड के 820 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए शुरू की गई करोड़ों की यह योजना आज भी अधूरी है। इस गंभीर विषय को लेकर प्रदेश मंत्री हेमंत कुमार केशरी ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर पूरे मामले की सघन जांच कराने और अधूरी सड़कों को अविलंब पूर्ण कराने की मांग की है। शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि सारंडा विकास प्लान के तहत लगभग 1140 करोड़ की राशि से विभिन्न विकास कार्य होने थे। भारत सरकार के ग्रामीण मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित परियोजना के माध्यम से 11 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित था। आरोप है कि अधिकतर अधूरी सड़कों को कागजों पर ही पूर्ण दिखाकर भारी राशि का गबन कर लिया गया है। मनोहरपुर की 7 पंचायतों के ग्रामीण आज भी आवागमन की मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।


