डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) रांची के नवनियुक्त प्रभारी कुलपति प्रो. डीके सिंह ने शुक्रवार को योगदान के साथ शिक्षकों के समक्ष शैक्षणिक सुधारों का एजेंडा रखा और सीधा संवाद किया। कहा कि पारंपरिक शिक्षण प्रणाली विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे अपने व्याख्यानों में अकादमिक सामग्री के साथ प्रेरक विषयवस्तु का भी समावेश करें, ताकि कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण बन सके। स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर सांख्यिकी की पढ़ाई शीघ्र शुरू करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन पाठ्यक्रमों को स्वपोषित मोड में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने साइबर शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम को भी शुरू करने की आवश्यकता बताई। पीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वीसी ने कहा है कि विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों को इस तरह विकसित किया जाना चाहिए कि विद्यार्थी उच्च शिक्षा के बाद रोजगार और व्यावसायिक दुनिया से सीधे जुड़ सकें। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की रणनीतिक प्राथमिकता बताई। पीएचडी शोधार्थियों के संदर्भ में कुलपति ने नियमावली को अधिक लचीला बनाने पर जोर दिया और इसके लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया, ताकि शोध से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान हो सके। नियमित कार्यशाला समेत अन्य एकेडमिक एक्टिविटी संचालित करने के लिए कहा। इस बैठक में कुलसचिव डॉ धनंजय द्विवेदी सहित सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष और शिक्षक मौजूद थे।


