पुंदाग स्थित श्री राधाकृष्ण प्रणामी मंदिर के ऊपरी तल पर संचालित सद्गुरु कृपा आश्रम, सत्य प्रेम सभागार आज समाज सेवा का एक जीवंत और प्रेरणादायी केंद्र बन चुका है। यहां संस्था द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों से लाए गए निराश्रित विक्षिप्तों (प्रभुजी) की पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ सेवा की जा रही है। इस सेवा कार्य की शुरुआत 16 जून, 2024 को हुई थी। केवल 9 प्रभुजी की देखभाल से आरंभ हुआ यह प्रयास आज सदानंद महाराज के सानिध्य में 42 प्रभुजी की सुव्यवस्थित, सुरक्षित और स्नेहपूर्ण सेवा तक विस्तारित हो चुका है। आश्रम में प्रभुजी के रहने का इंतजाम किया गया है। भोजन, स्वच्छता और देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई है। संस्था के उपाध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में मंदिर के ऊपरी तल पर 50 बेड की सुविधा उपलब्ध है। सेवा कार्य के विस्तार को देखते हुए वर्ष 2026 तक 50 अतिरिक्त बेड जोड़ने की योजना है। दीर्घकालीन लक्ष्य के तहत भविष्य में यहां 300 प्रभुजी के आवास और सेवा की पूर्ण व्यवस्था विकसित की जाएगी। सद्गुरु कृपा आश्रम न केवल जरूरतमंदों के लिए आश्रय स्थल है, बल्कि यह मानवता, करुणा और सामाजिक दायित्व का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जो समाज को सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। संस्था का मानना है कि विक्षिप्तों की सेवा एक व्यापक कार्य है जो उनकी मूलभूत जरूरतों से लेकर उनके कानूनी और सामाजिक अधिकारों तक को संबोधित करता है, ताकि उन्हें समाज का हिस्सा बनाया जा सके और उनका जीवन बेहतर किया जा सके। इसके लिए समाज के सभी लोगों का सहयोग जरूरी है।


