प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बाबूलाल मरांडी के बयान को भ्रामक और आदिवासियों के बीच फूट डालने वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खिसकते देख आदिवासी समाज की पहचान के नाम पर डर और भ्रम फैलाने का काम कर रही है। लाल किशोर ने कहा कि भाजपा वर्षों तक पेसा कानून के नियमों को ठंडे बस्ते में डालकर बैठी रही। जबकि हेमंत सोरेन की गठबंधन सरकार ने आदिवासियों के स्वशासन अधिकारों को मजबूती देने के लिए पेसा नियमावली पर ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मांझी-परगना, मुंडा-मानकी और पड़हा राजा जैसी पारंपरिक व्यवस्थाएं झारखंड की आत्मा हैं। हमारी सरकार ने इन मानकी-मुंडाओं के मानदेय और सम्मान को बढ़ाने का काम किया है।


