भास्कर न्यूज | रिंगनी-खरौद नववर्ष 2026 की शुरुआत नगर पंचायत खरौद में आस्था और श्रद्धा के साथ हुई। छत्तीसगढ़ की काशी के नाम से प्रसिद्ध लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में 1 जनवरी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नववर्ष के पहले दिन भगवान शिव के दर्शन के लिए नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में मेला जैसा माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान लक्ष्मणेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर नववर्ष में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मान्यता है कि पहले दिन लक्ष्मणेश्वर महादेव के दर्शन से पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर का संबंध रामायण काल से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम और लक्ष्मण अपने वनवास के दौरान इस क्षेत्र से गुजरे थे। लक्ष्मण ने यहां भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी और उनके दर्शन से ही उन्होंने अपने रोग और पाप से मुक्ति पाई थी। आज भी यह मंदिर उन भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है जो सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।


