नगर कीर्तन में दिखी खालसा की वीर परंपरा, गतका ने भी मोहा मन

भास्कर न्यूज | चिरमिरी सिख समाज के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह महाराज के 359वें प्रकाश पर्व के अवसर पर चिरमिरी में श्रद्धा और उत्साह का संगम देखने को मिला। पंज प्यारों की अगुवाई में निकाले गए भव्य नगर कीर्तन से पूरा शहर बोले सो निहाल, सत् श्री अकाल के जयकारों से गुंजायमान रहा। नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुसिंह सभा गुरुद्वारा से हुई। यह यात्रा डोमनहिल स्थित माता गुजरी कीर्तन भवन पहुंची, जिसके बाद हल्दीबाड़ी और बड़ा बाजार होते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया गया। मार्ग में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर संगत का स्वागत किया। डोमनहिल में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महापौर रामनरेश राय और भाजपा पदाधिकारियों ने नगर कीर्तन का स्वागत किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने गुरु गोविंद सिंह महाराज के आदर्शों को समाज के लिए महान प्रेरणास्रोत बताया। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण पंजाब से आए दलेर खालसा के सिख युवाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक शस्त्र विद्या गतका रही। कलाकारों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य शस्त्रों के साथ ऐसे हैरतअंगेज करतब दिखाए कि दर्शक रोमांचित हो उठे। इस दौरान युवराज सिंह, जीत सिंह, प्रिंस सिंह और उनकी टीम ने वीरता और अनुशासन का जीवंत उदाहरण पेश किया। यह प्रदर्शन केवल शारीरिक बल नहीं, बल्कि गुरु महाराज द्वारा स्थापित खालसा पंथ की वीर भावना और धर्म की रक्षा के संकल्प का प्रतीक था। नगर कीर्तन का नेतृत्व पंज प्यारों के रूप में हरप्रीत सिंह, तरनदीप सिंह, मनवीर सिंह, गुरु जोत सिंह, मनमीत सिंह सहित अन्य सेवादारों ने किया। पूरी यात्रा के दौरान संगत शब्द कीर्तन और गुरुबाणी पाठ करते हुए चल रही थी, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।

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