भास्कर न्यूज | महासमुंद गुरु पर्व माह के अंतिम दिवस 31 दिसंबर को छत्तीसगढ़ महासमुंद जिला की अंतिम छोर पर बसे ओडिशा सीमा से लगे खट्टी में गुरु घासीदास जयंती का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि विधायक द्वारिकाधीश यादव थे। पहली बार गांव में सतनाम शोभायात्रा पंथी टोली व पोस्टर बैनर के माध्यम से बाबा जी के संदेशो को प्रचारित करते हुए निकालीं गई। मंचीय कार्यक्रम में विधायक द्वारिकाधीश यादव ने सतनामी समाज को छत्तीसगढ़ में अपने अधिकारों के लिए सबसे ज्यादा जागरूक रहने वाला समाज बताया। गुरु घासीदास बाबा जी और संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के विचारों पर चलने वाली समाज है। दिनेश बंजारे ने समाज को संगठित रहकर ही समाज को नई दशा दिशा देने की अपील की। युवाओं को सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। विजय बंजारे ने 90 सतनामी परिवार में एक भी नौकरी वाले नहीं होने पर चिंता जाहिर करते हुए शिक्षा के लिए हर संभव सहयोग करने की भरोसा दिलाया। रेखराज ने भेद-भाव संबंधित प्रेरक गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर अध्यक्षता दिनेश बंजारे प्रदेश सहसचिव, विजय बंजारे जिलाध्यक्ष, रेखराज बघेल जिला सचिव, लल्लू चेलक जिलाध्यक्ष नुआपड़ा ओडिशा, भोजनाथ मधुकर सहित अन्य मौजूद थे।


