भास्कर संवाददाता| भांडेर सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. शंकर लाल शुक्ल बुंदेली एवं हिन्दी के प्रतिष्ठित कवि के रूप में सम्पूर्ण हिंदी जगत में लोकप्रिय थे । बुंदेली साहित्य डॉ. शुक्ल का चिर ऋणी रहेगा। यह बात सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रवीन्द्र गुप्ता ने डॉ. शुक्ल की 89 बीं जयंती पर आयोजित बुंदेली चौपाल के बृहद समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि डॉ. शुक्ल ने ग्रीस की राजधानी एथेंस में आयोजित विश्व शांति सम्मेलन के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हिंदी में कविता पाठ कर देश को अद्वितीय एवं अप्रतिम सम्मान दिलाया था। सर्व प्रथम डॉ. शुक्ल बुंदेली शोध एवं साहित्य संस्थान के सचिव रवीन्द्र सत्यार्थी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अंचल के वरिष्ठ संगीतकार अजीज दिलकश ने इस अवसर पर डॉ. शुक्ल को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. शुक्ल बुंदेली साहित्य के कीर्ति पुरुष थे। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में पूर्व नगर पालिका अधिकारी शहजाद उद्दीन सिद्दीकी उपस्थित थे। समारोह का संचालन कवि लालजी योगी ने किया।


