अमृतसर| समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों को मुफ्त नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था पुनर्जोत 2009 से लगातार प्रयास कर रहा है उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जीवन रहते और मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लें। संस्था के सहयोग से अब तक सैकड़ों लोग नेत्रदान के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसके कारण धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कम होती जाती है। समय पर ऑपरेशन न होने पर व्यक्ति पूरी तरह अंधा भी हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के माध्यम से मुफ्त जांच शिविर लगाए जाते है और जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन कराए जाते हैं। उनके अनुसार संस्था के जरिए अब तक कुल 300 लोगों ने नेत्रदान किया है, जिसके जरिए करीब 600 लोगों को आंखों की रोशनी दी गई है। इसके अलावा पिछले 4 वर्षों के दौरान 405 मरीजों के मोतियाबिंद के आपरेशन किए गए हैं। इस मौके पर कृपा अरोड़ा के अलावा एडवोकेट नवीन सहगल उपस्थित थे।


