आंदोलन जारी:10 दिन से आमरण अनशन पर बैठे डीएड अभ्यर्थी, कई बेहोश होकर गिर पड़े, 30 की हालत भी गंभीर

सहायक शिक्षक के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी तूता में पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। कई अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर रहे हैं। अब तक 30 अभ्यर्थियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। आंदोलन के दसवें दिन चार अभ्यर्थियों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। डीएड अभ्यर्थी सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियुक्ति नहीं दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। अभ्यर्थी 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर हैं। दरअसल, मार्च 2023 में राज्य सरकार ने 6285 सहायक शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी कर डीएड और बीएड दोनों अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र घोषित किया था। इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। 10 जून 2023 को परीक्षा और 2 जुलाई 2023 को परिणाम घोषित हुआ। चार चरणों की काउंसलिंग में 5301 नियुक्तियां हुईं, जिनमें 2897 बीएड अभ्यर्थी शामिल थे, जबकि 984 पदों पर काउंसलिंग ही नहीं हो सकी। इसके बाद 2 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट बिलासपुर और 28 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक पद के लिए अपात्र ठहराते हुए डीएड अभ्यर्थियों की मेरिट सूची पुनर्व्यवस्थित कर सभी पदों पर नियुक्ति के निर्देश दिए। आरोप है कि राज्य सरकार ने इन आदेशों का पूर्ण पालन नहीं किया। दिसंबर 2024 में केवल 2621 बीएड अभ्यर्थियों को हटाया गया और बिना मेरिट रिअरेंज किए पांचवीं काउंसलिंग कराई गई, जिसमें सिर्फ 1299 डीएड अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए। इससे 2300 पद रिक्त रह गए। हाईकोर्ट द्वारा 26 सितंबर 2024 को दो माह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के आदेश के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। डीएड अभ्यर्थियों की मांग है कि 2300 पदों पर तत्काल
छठवें चरण की काउंसलिंग कर नियुक्ति दी जाए।

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