राजधानी में सीवेज, पानी सप्लाई और तालाबों के संरक्षण के लिए अमृत-2 के तहत 1700 करोड़ रुपए के कार्यों के लिए निगम 200 करोड़ रुपए ग्रीन बॉण्ड के जरिए जुटाएगा। इस बॉण्ड पर केंद्र सरकार 20 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) के रूप में देगी। नगर निगम को अमृत-2 पर लगभग 495 करोड़ रुपए चुकाना है। केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट अमृत-2 के लिए राशि जुटाने के लिए सभी नगर निगमों को ग्रीन बॉण्ड जारी करने को कहा था। इसमें शर्त होती है कि इसके जरिए जुटाई जाने वाली राशि पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण जैसे प्रोजेक्ट पर ही खर्च होगी। यानी सीवरेज प्रोजेक्ट में सीवेज वॉटर की री-साइकलिंग सुनिश्चित करनी होगी और वॉटर सप्लाई में वॉटर मैनेजमेंट और वॉटर रीसाइकलिंग के प्रोजेक्ट पर काम होगा। शुक्रवार को महापौर मालती राय की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निगम परिषद की अगली बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। साल 2018 में निगम ने अमृत-1 के लिए 175 करोड़ रुपए बॉण्ड से जुटाए थे। निगम को यह राशि 9.22% ब्याज दर पर मिली थी। इसके एवज में निगम को हर महीने 3.5 करोड़ रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। विवाह पंजीयन 1,000 नहीं, 130 रुपए में होगा एमआईसी ने 60 दिन के भीतर विवाह पंजीयन कराने के लिए शुल्क 1000 रुपए से घटाकर 130 रुपए कर दिया है। 60 दिन के बाद पहले की तरह 1000 रुपए ही चुकाने होंगे। हाल ही में नगरनिगम ने इस व्यवस्था को ऑनलाइन किया है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी टीटी नगर के प्लॉट नंबर 47 और 49 पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रस्तावित मकान अधर में हैं। नगर निगम ने इसके लिए जो टेंडर बुलाए थे, उनको निरस्त करने का प्रस्ताव एमआईसी में आया था, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। कर्मचारी नाराज, वेतन के बजाय बॉण्ड का ब्याज दे रहा निगम
2018 के बॉण्ड के एवज में निगम को 2028 तक ब्याज देना है। कई बार इस राशि को चुकाने को लेकर नगर निगम के कर्मचारी नाराजगी जता चुके हैं। उनका तर्क है कि हमें वेतन की बजाय निगम पहले बॉण्ड की राशि जमा कराता है। इस बार भी निगम को लगभग 9 प्रतिशत की ब्याज दर पर ही यह राशि मिलने की उम्मीद है।


