शुक्रवार को बोकारो समाहरणालय में ड्यूटी के दौरान राजस्व शाखा में पदस्थापित कार्यालय अधीक्षक दिग्विजय नारायण का कुर्सी पर बैठे-बैठे ही हार्ट फेल होने से उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना इतनी जल्दी हुई कि किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि आखिर हुआ क्या और कैसे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार्यालय अधीक्षक रोज की तरह कार्यालय में आए और बायोमैट्रिक से अपनी हाजिरी बनाई। इसके बाद कुर्सी पर बैठे ही थे कि उनकी तबियत अचानक खराब होने लगी। सह कर्मियों ने जब तक उन्हें देखा, तब तक वह बेहोश हो गए। जमीन पर लुढ़कने पर सहकर्मी उन्हें आनन-फानन में सीपीआर दिया, बावजूद कोई सुगबुगुहाट नहीं हुई, जिसके बाद सदर अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक जांच में ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसे देखते हुए डीसी ने इस घटना के बाद सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि समाहरणालय सहित सभी जिला स्तरीय कार्यालयों में पदस्थापित पदाधिकारियों व कर्मियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में स्थापना शाखा को आवश्यक समन्वय करने का निर्देश दिया गया है। कार्यालय में दो मिनट मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि कार्यालय अधीक्षक दिग्विजय के आकस्मिक निधन के बाद शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में दो मिनट मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। डीसी अजय नाथ झा ने मृतक के चास स्थित शिवपुरी कॉलोनी आवास जाकर उनकी पत्नी मृणाल सोनी और पुत्र ऋषभ राज से भेंट की तथा संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में जिला प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है और हर सहयोग प्रदान किया जाएगा। मौके पर डीडीसी शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, डीसीएलआर प्रभाष दत्ता, जिला भू अर्जन पदाधिकारी द्वारिका बैठा, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पियूष, अविनाश सिंह आदि थे।


