मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी ठंड के साथ कोहरे का कहर देखने को मिल रहा है। शनिवार को जमकर कोहरा छाया रहा। आलम यह रहा कि विजुअलिटी 20 मीटर से भी कम रही लिहाजा वाहन चालक गाड़ियों की लाइट जलाकर वाहन चला रहे है। जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे पर घना कोहरा छाया रहा। शनिवार सुबह सिवनी तरफ जा रहा एक ट्रक सड़क किनारे पलट गया। अच्छी बात यह है कि किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक आगामी कुछ दिनों तक इसी तरह से घना कोबरा छाया रहेगा। कोहरे के कारण अधिकतर वाहन सड़क किनारे खड़े हो गए हैं, और अब घना कोहरा हटने का इंतजार कर रहे हैं। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। अब जाने प्रदेश के मौसम का हाल…
मध्यप्रदेश में रात में कड़ाके की ठंड तो कम हुई है, लेकिन घना कोहरा छा रहा है। भोपाल, सीहोर, रायसेन, शाजापुर और धार में सुबह 9 बजे के बाद भी कोहरा रहा। सीहोर में तो विजिबिलिटी 20 मीटर ही रह गई। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 दिन तक घना कोहरा छाया रहेगा। फिर तेज सर्दी का दौर आएगा। इससे पहले शुक्रवार को आधे प्रदेश में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं, 15 शहरों में दिन का तापमान 24 डिग्री से नीचे रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, इस बार दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। मौसम साफ रहा। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में 15 से 16 दिन तक कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चली। ऐसा ही मौसम जनवरी में भी बना रहेगा। साल के पहले ही दिन ग्वालियर में हल्की बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की माने तो जनवरी में 15 से 20 दिन तक शीतलहर चल सकती है। कड़ाके की ठंड का दौर दूसरे सप्ताह में शुरू होगा, जो आखिरी तक बना रहेगा।


