नर्मदापुरम में पौष पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। सुबह 6 बजे से ही शहर के सेठानी घाट, विवेकानंद घाट और कोरी घाट पर स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। ठंड की परवाह किए बिना नर्मदापुरम के अलावा बैतूल, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, भोपाल, विदिशा और सीहोर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। घाटों पर पैर रखने की जगह नहीं बची है। रात 8 बजे 251 दीपों से होगी महाआरती
पूर्णिमा के विशेष अवसर पर आज रात 8 बजे सेठानी घाट पर मां नर्मदा की भव्य महाआरती होगी। यह आरती बनारस की गंगा महाआरती की तर्ज पर की जाएगी, जिसमें 251 दीपों का उपयोग होगा। इसे देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग घाट पर जुटने लगे हैं। सत्यनारायण कथा और दान-पुण्य का दौर
स्नान के बाद भक्त घाटों पर ही सत्यनारायण भगवान की कथा सुन रहे हैं और दान-पुण्य कर रहे हैं। मान्यता है कि आज के दिन दान करने से जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है। पंडित बोले- सारे पापों का नाश होता है
पंडित महेंद्र तिवारी ने बताया, “पौष मास की पूर्णिमा है। मां नर्मदा में स्नान करने से सारे पापों का नाश होता है। मां नर्मदा में पूजन करने के बाद श्रद्धालु को दान-पुण्य करने का खास महत्व है। मौसम की मार झेलते हुए भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा।”


