धार की भोजशाला में 23 जनवरी को बसंत पंचमी का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन शुक्रवार होने से जुम्मे की नमाज भी अदा की जाएगी। दोनों आयोजनों के एक साथ होने से प्रशासन के सामने शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। बसंत पंचमी के आयोजन को लेकर धार शहर में उत्साह का माहौल है। भोजशाला से जुड़े कार्यक्रमों के प्रचार के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर अखंड पूजन से जुड़े बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं। आयोजकों द्वारा लोगों से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की जा रही है। भोज उत्सव समिति की ओर से घोड़ा चौपाटी पर एक भव्य तोरण द्वार लगाया गया है। इस पर बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा किए जाने की जानकारी अंकित है। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज भी होगी
23 जनवरी को शुक्रवार होने के कारण मुस्लिम समाज के लिए भी यह दिन महत्वपूर्ण है। परंपरा के अनुसार इसी दिन भोजशाला में जुम्मे की नमाज अदा की जाती है। ऐसे में पूजा और नमाज दोनों एक ही दिन होने से संवेदनशीलता बढ़ गई है। मुस्लिम समाज ने सुरक्षा को लेकर सौंपा ज्ञापन मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने जुम्मे की नमाज के बाद एसडीएम राहुल गुप्ता को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि नमाज के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि धार्मिक गतिविधि शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके और किसी तरह का व्यवधान न हो। प्रशासन पर रहेगी कड़ी नजर दोनों समुदायों के आयोजनों को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां किए जाने की संभावना है। प्रशासन का फोकस दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर रहेगा।


