बैंक के पूर्व-प्रबंधक सहित 3 लोगों पर धोखाधड़ी का मामला:आरोप-ग्राहक ने दोनों गोल्ड लोन चुकाए फिर भी नहीं मिल रहे ‘जेवर’

अलवर में शहर के हनुमान सर्किल स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामले में परिवादी रविन्द्र सिंह ने फाइनेंस कंपनी के पूर्व शाखा प्रबंधक, कर्मचारी सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और षड्यंत्र रचने के आरोप लगाए हैं। परिवादी रविन्द्र सिंह पुत्र हरि सिंह निवासी सीताहर टिटपूरी, हाल निवासी शिवाजी नगर पालका अलवर ने बताया कि उसने जुलाई 2024 में मणप्पुरम फाइनेंस की हनुमान सर्किल शाखा से दो गोल्ड लोन लिए थे। इनमें पहले लोन की राशि 1 लाख 60 हजार 310 रुपए और दूसरे लोन की राशि 1 लाख 15 हजार रुपए थी। परिवादी के लोन चुकाने के बाद भी नहीं लौटाया गोल्ड परिवादी ने बताया कि उसने दोनों गोल्ड लोन की पूरी राशि 21 नवंबर 2025 को जमा कर दी, लेकिन जब वह अपना गिरवी रखा सोना लेने पहुंचा तो कंपनी कर्मचारियों ने गोल्ड लौटाने से मना कर दिया। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी राहुल ने कहा कि परिवादी के नाम से एक तीसरा गोल्ड लोन भी चल रहा है, जिसे पहले बंद कराना होगा।परिवादी के अनुसार उसने तीसरे लोन से पूरी तरह मना किया, लेकिन कंपनी द्वारा अक्टूबर 2024 का एक कथित गोल्ड लोन दिखाया गया, जिसकी राशि करीब 1 लाख 10 हजार रुपए बताई गई। जब परिवादी ने लोन के दस्तावेज देखे तो उसमें किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगी हुई थी और फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए। परिवादी का कहना है कि उसने न तो ऐसा कोई आवेदन भरा और न ही तीसरे गोल्ड लोन के लिए कोई सोना जमा कराया। बैंक मैनेजर ने फर्जी तरीके से पीड़ित के नाम पर लिया लोन परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिलीप कुमार शर्मा का फोन आया था, जिसमें बताया गया कि गलती से किसी अन्य ग्राहक की राशि 1 लाख 9 हजार रुपए उसके खाते में चली गई है। विश्वास में आकर परिवादी ने यह राशि दिलीप शर्मा और कर्मचारी राहुल के खातों में ट्रांसफर कर दी। बाद में यही रकम फर्जी गोल्ड लोन से जुड़ी पाई गई। परिवादी का आरोप है कि आरोपियों ने आपसी षड्यंत्र रचकर फर्जी दस्तावेज, फर्जी फोटो और फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए उसके नाम से नकली गोल्ड लोन उठाया और रकम हड़प ली। जब परिवादी ने थाना वैशाली नगर में रिपोर्ट दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने न्यायालय से आदेश लाने को कहा। जिसके बाद इस्तगासे से थाने में मामला दर्ज हुआ है।

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