गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए एक युवक ने अनूठी पहल की है। हरियाणा के रहने वाला युवक 62 किलो वजनी कांवर में 51 किलो गंगाजल लेकर 910 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर उज्जैन जा रहा है। शनिवार को जब वह शिवपुरी शहर ने निकला तो लोगों ने उसका जगह-जगह स्वागत किया। हरियाणा के पानीपत निवासी कमल आर्या ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने हरिद्वार से उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर तक 910 किलोमीटर की पैदल यात्रा का संकल्प लिया है। 54 दिन पहले हर की पौड़ी से शुरू हुई इस यात्रा में वह 62 किलो वजनी कांवर में 51 किलो गंगाजल लेकर चल रहे हैं। कमल अब तक 560 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। उनकी यह यात्रा कुल 93 दिनों में पूरी होगी, जिसका समापन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में गंगाजल अर्पण के साथ होगा। मार्ग में शिवपुरी पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। कमल का कहना है कि वर्षों से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्हें विश्वास है कि महाकाल की कृपा से सरकार को इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की सद्बुद्धि मिलेगी। उनकी इस अनूठी यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को बल दिया है, बल्कि गौ संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया है। यात्रा के दौरान उनके संकल्प और धैर्य को देखकर कई लोग उनके इस अभियान से जुड़ रहे हैं।


