सिक्ख पंथ के दसवें गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व के मौके पर आज गुरुद्वारा सिंधु नगर से नगर कीर्तन विशाल शोभायात्रा के रूप में पंच प्यारों की अगुवाई में निकला,नगर कीर्तन में गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी भी शामिल हुई।इस दौरान संगत ने गुरबाणी कीर्तन करते हुए सेवा का संदेश दिया। शहर में निकला नगर कीर्तन नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा साहिब सिंधु नगर से शुरू होकर कोतवाली, नगर परिषद, मुरली विलास रोड, रेलवे स्टेशन चौराहा, बालाजी मार्केट,सूचना केंद्र चौराहा,भोपाल क्लब,सिंगल हॉस्पिटल, महावीर पार्क से होती हुई पुनः गुरुद्वारा पहुंची।नगर कीर्तन को लेकर शहर में कई जगह पर स्वागत द्वार बनाए गए, जहां बड़ी संख्या में सिख समाज के लोगों ने कीर्तन का स्वागत किया।इसके साथ-साथ ही साफ सफाई सेवा के तहत पूरे शहर की सफाई की गई और सेवा का संदेश दिया गया। कई जगह हुआ अखाड़ा प्रदर्शन नगर कीर्तन के दौरान कई जगह पर अखाड़ा प्रदर्शन किए गए जहां एक से बढ़कर एक प्रस्तुति हुई।नगर कीर्तन के गुरुद्वारा पहुंचने के बाद प्रकाश पर्व के मौके पर आतिशबाजी की गई और गुरु के अटूट लंगर का आयोजन हुआ,इसके साथ ही प्रकाश पर्व के मौके पर पिछले कई दिन से चल रही प्रभात फेरी का समापन भी आज किया गया और अखंड पाठ साहिब का आरंभ किया गया। गुरु पर्व की तैयारियां जोरो पर गुरुद्वारे के सचिव ऋषिपाल सिंह ने बताया कि गुरु पर्व की तैयारी को लेकर साफ सफाई और लंगर सेवा की गई है। गुरुद्वारा परिसर को टेंट और लाइट से डेकोरेट किया गया है। उन्होंने बताया कि 4 जनवरी को गुरुद्वारे में साफ सफाई की सेवा और लंगर तैयार करने की सेवा की जाएगी। शाम को 7:30 से 9:00 बजे तक गुरबाणी और कीर्तन के दीवान होंगे।6 जनवरी को प्रकाश पर्व के मौके पर सुबह 5:30 बजे से आशा की वार के कीर्तन एवं लंगर तैयार करने की सेवा होगी। गुरबाणी कीर्तन से करेंगे संगत को निहाल गुरुद्वारे में ज्ञानी करनैल सिंह और ज्ञानी सुखबीर सिंह गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे।इस मौके पर लुधियाना पंजाब से कीर्तनी जत्था भाई अमनदीप सिंह कार्यक्रम में शामिल होंगे और संगत को गुरबाणी कीर्तन से निहाल करेंगे।प्रकाश पर्व के मौके पर दोपहर में गुरु का अटूट लंगर वितरण होगा और दोपहर 2बजे के बाद सामूहिक अरदास के उपरांत दीवान की समाप्ति होगी।


