नीमच के सत्यम ज्वैलर्स के संचालक बहादुर सोनी के निधन के बाद अब उनके पास जमा पूंजी और जेवरात वापस पाने के लिए निवेशकों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में शनिवार को जीरन तहसील के ग्राम कराड़िया महाराज निवासी बापू नाथ का परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी जमा अमानत वापस दिलाने की गुहार लगाई। पीड़ित बापू नाथ, जो कंबल और कुर्सी बेचने का छोटा व्यवसाय करते हैं, ने बताया कि उनकी दो बेटियों (पायल और पूजा) की शादी 26 फरवरी को होनी है। इसके लिए उन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई-लगभग 15 लाख रुपए नकद, 7 किलो 568 ग्राम चांदी और सोने के गहने बनवाने के लिए बहादुर सोनी के पास जमा किए थे। बहादुर सोनी ने इसकी बाकायदा रसीदें भी दी थीं, जिसकी जानकारी उनकी पत्नी प्रमिला सोनी और स्टाफ को भी थी। धक्के देकर घर से निकाला शिकायत के अनुसार, बहादुर सोनी की मृत्यु के बाद जब पीड़ित परिवार अपनी अमानत वापस मांगने गया, तो उन्हें पहले टाला गया। 2 जनवरी को जब वे दोबारा प्रमिला सोनी के घर पहुंचे, तो वहां मौजूद दो व्यक्तियों ने परिवार के साथ अभद्रता की और उन्हें धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया। उन्हें चुनौती दी गई कि “जिसे जो रिपोर्ट करनी है कर दो, अब शासन-प्रशासन ही फैसला करेगा।” गहरे संकट में परिवार अपनी जमा पूंजी डूबती देख गरीब परिवार सदमे में है, क्योंकि बेटियों की शादी के लिए अब उनके पास पैसे नहीं बचे हैं। बहादुर सोनी के निधन के बाद जिले भर में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिनमें करोड़ों की नकदी और ज्वेलरी का विवाद उलझा हुआ है। पीड़ित परिवार ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर प्रमिला सोनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और अपनी अमानत वापस दिलाने की मांग की है।


