छत्तीसगढ़ के धमतरी में शाकंभरी जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कोसरिया पटेल मरार समाज द्वारा माता शाकंभरी को रथ में विराजमान कर शहर में शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान समाजजनों ने कुम्हड़ा, गोभी, पत्ता गोभी और मटर से एक मुख्य कलश तैयार किया। शोभायात्रा में महिलाएं एक ही वेशभूषा में शामिल हुईं और सिर पर कलश लेकर आगे बढ़ती रहीं। बाजे-गाजे के साथ समाज के लोग उत्साहपूर्वक थिरकते हुए नजर आए। यह शोभायात्रा समाज भवन से शुरू होकर आमापारा, बालक चौक, गोलबाजार, सदर बाजार, कचहरी चौक होते हुए साल्हेवार पारा पहुंची। माता शाकंभरी को भोग में हरी सब्जियां अर्पित की माता शाकंभरी को मूली, भाटा, पालक भाजी, नवल गोल सहित अन्य हरी सब्जियों का भोग लगाया गया। शोभायात्रा समाज भवन में ही संपन्न हुई, जिसके बाद मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छेरछेरा पुन्नी पर दो दिन तक शाकंभरी जयंती का आयोजन पटेल समाज के नगर उपाध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि छेरछेरा पुन्नी के दिन शाकंभरी जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष दो दिवसीय आयोजन किया गया। पहले दिन स्वास्थ्य शिविर लगाया गया और शाम को माता शाकंभरी की महाआरती हुई, जिसमें पटेल समाज के साथ अन्य समाजों के लोग भी शामिल हुए। दूसरे दिन भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। प्राचीन काल में अकाल के समय प्रकट हुईं थीं माता शाकंभरी समाजजनों ने माता की मान्यता बताते हुए कहा कि प्राचीन काल में जब ब्रह्मांड में कई वर्षों तक वर्षा नहीं हुई और अकाल की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, तब मां शाकंभरी का प्राकट्य हुआ था। माता शाकंभरी ने ब्रह्मांड में आशीर्वाद बरसाया और लोगों के लिए खाद्य सामग्री उत्पन्न की, जिसे सभी ने शाकाहारी रूप में ग्रहण किया। तभी से माता शाकंभरी जयंती महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।


