रायसेन जिले के बेगमगंज रेंज में सुनेहरा बीट पीएफ 156 ए के एक नाले में सामने शनिवार को एक मादा तेंदुए का शव मिला है। मामले में शिकार के संदेह में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। डीएफओ प्रतिभा शुक्ला, रेंजर अरविंद अहिरवार, नायब तहसीलदार विक्रम सिंह राजपूत और भोपाल से आई जांच टीम सहित वनकर्मी मौजूद रहे। डीएफओ प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि शव मिलने के बाद डॉग स्क्वॉड की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान घटनास्थल से करीब 20 मीटर दूर एक खेत में एक बड़ी खूंटी मिली, जिस पर तेंदुए के बाल लगे थे। पास के एक अन्य खेत से भी तीन खूंटियां बरामद की गईं। तीन संदिग्ध गिरफ्तार किए
डॉग स्क्वॉड की तलाशी के आधार पर सुनेहरा निवासी बीरबल पाल (पिता दयाली पाल), पीर मोहम्मद (पिता हसन खां) और सलीम खां (पिता हसन खां) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन संदिग्धों के खिलाफ सर्च वारंट जारी कर कार्रवाई की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले पखवाड़े से बेगमगंज रेंज की सुनेहरा बीट में एक चार वर्षीय युवा मादा तेंदुआ घूम रही थी। यह तेंदुआ पालतू पशुओं का शिकार कर रहा था, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल था। तेंदुए के आतंक के कारण सुनेहरा, मड़िया, कोलुआ सहित आसपास के आठ गांवों के किसानों ने रात में खेतों पर जाना बंद कर दिया था। ग्रामीण भी रात में घरों से निकलने से बच रहे थे। शव को बीट के डिपो में जलाया
डीएफओ प्रतिभा शुक्ला और रेंजर अरविंद अहिरवार की उपस्थिति में तेंदुए के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। वन विहार भोपाल के वन्यप्राणी चिकित्सक अतुल गुप्ता और डीपी अहिरवार ने पशु चिकित्सक जयशंकर पाल के सहयोग से यह प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को बीट के डिपो में जलाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। फिलहाल, तेंदुए की मौत का सटीक कारण ज्ञात नहीं हो सका है। पुलिस यह जांच कर रही है कि पकड़े गए लोगों ने तेंदुए या अन्य वन्यप्राणियों के शिकार के लिए अपने खेतों में खूंटियां गाड़ी थीं या नहीं।


