इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद नरसिंहपुर नगरपालिका सक्रिय हो गई है। शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगरपालिका ने जल गुणवत्ता की सघन जांच शुरू कर दी है। शनिवार को नगर के सभी 28 वार्डों से जल आपूर्ति के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। शनिवार को नगरपालिका की टीमों ने शहर के सभी 28 वार्डों में पहुंचकर पाइपलाइन के माध्यम से आपूर्ति किए जा रहे पानी के नमूने संग्रहित किए। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नीलम गोवर्धन चौहान ने इस संबंध में जानकारी दी। सीएमओ चौहान ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय, मध्यप्रदेश ने 2 जनवरी की शाम पेयजल की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी और जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश जारी किए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में 3 जनवरी को यह विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्य के लिए नगरपालिका की कुल 19 टीमों को अलग-अलग वार्डों में तैनात किया गया था। सीएमओ ने यह भी बताया कि वार्डों के साथ-साथ डेडवारा स्थित जलशोधन संयंत्र से भी पानी के नमूने लिए गए हैं, जिनकी प्रयोगशाला में विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कहीं भी गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब शहर के सभी वार्डों में हर तीसरे दिन रैंडम तरीके से जल के नमूने लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सीवर लाइन प्रोजेक्ट को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। जहां-जहां सीवर कंपनी द्वारा गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें सुरक्षित ढंग से भरवाने के निर्देश दिए गए हैं। सीवर कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई जल आपूर्ति लाइनों की तत्काल मरम्मत के लिए भी कंपनी को कहा गया है। इस संबंध में शनिवार को एमपीयूडीसी भोपाल के प्रमुख अभियंता से चर्चा कर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।


