सेवा का संकल्प… न कदम थके, न हाथ थमा, 27 साल से सिविल में चल रहा दूध, दलिया और भोजन का लंगर

समाज सेवा की राह पर जब नेक इरादे और दृढ़ संकल्प मिलते हैं, तो एक ऐसी मिसाल बन जाते हैं, जिसे वक्त भी सलाम करता है। जालंधर की समाजसेवी संस्था ‘सहारा सेवा समिति 27 वर्षों से ऐसा ही कीर्तिमान गढ़ रही है। बीते ढाई दशकों में एक भी दिन बिना रुके, थके संस्था के सदस्य सिविल अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों और उनके तीमारदारों को सुबह-शाम दूध, दलिया और भोजन का लंगर लगा रहे हैं। समिति के अध्यक्ष हरबंस गगनेजा बताते हैं कि साल 1998 में उनके पिता स्व. गिरधारी लाल और उनके मित्र स्व. चुन्नी लाल, स्व. राज कुमार जैन ने इसकी शुरुआत की थी। शुरुआत में तो केवल यही दोस्त सेवा करते। धीरे-धीरे समिति के साथ जुड़ने वालों की संख्या बढ़ती गई। कड़कड़ाती ठंड हो, मूसलाधार बारिश या फिर झुलसा देने वाली गर्मी, सहारा के स्वयंसेवकों की टोली रोज सुबह सूरज की पहली किरण के साथ सिविल अस्पताल पहुंच जाती है। समिति की यह मुहिम केवल दूध, दलिया, सुबह-शाम गर्म भोजन, दवाइयां बांटने तक सीमित नहीं, बल्कि यह उन गरीब और लाचार मरीजों के लिए एक उम्मीद की किरण भी है, जिनके पास पौष्टिक आहार के लिए साधन नहीं। रोजाना 60 से 70 लीटर दूध को बड़े बर्तनों में गर्म किया जाता है। फिर उसे पूरी स्वच्छता के साथ मरीजों तक पहुंचाया जाता है। इसके अलावा 2000 से अधिक मरीजों के लिए रोटी सब्जी की सेवा निस्वार्थ रूप से की जाती है। मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दूध के साथ अकसर ब्रेड या रस्क भी दिए जाते हैं। अस्पताल के वार्डों में जब सहारा के सेवादार पहुंचते हैं, तो मरीजों के चेहरों पर आने वाली मुस्कान ही समिति के लोगों के लिए सबसे बड़ी पूंजी होती है। हरबंस लाल गगनेजा का कहना है कि, “हमने 27 साल पहले जब यह सेवा शुरू की थी, तब लक्ष्य सिर्फ इतना था कि कोई भी मरीज सुबह खाली पेट न रहे। अस्पताल में आने वाले अधिकांश लोग दूर-दराज के गांवों के वासी होते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर। उनके लिए सुबह-सुबह चाय-दूध का प्रबंध करना मुश्किल होता है। प्रभु की कृपा और दानी सज्जनों के सहयोग से यह लंगर आज भी अनवरत जारी है। सहारा सेवा समिति केवल दूध वितरण तक ही सीमित नहीं है। संस्था के सदस्य अब तक करीब 3500 लावारिस शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार भी करवा चुकी है। इसके साथ ही जरूरतमंद बच्चों को सर्दियों और गर्मियों के वस्त्र, साल में चार बार खूनदान कैंप, थैलीसिमिया से पीड़ित लोगों की मदद, 5000 से अधिक लोगों की आंखों का ऑपरेशन, हर महीने 150 जरूरतमंद परिवारों को राशन की सेवा भी कर रही है। संस्था के सदस्यों में चेयरमैन शशि भूषण, कंवल जैन, सतीश कपूर, विनोद मेहता, कमलेश कपूर, दविंदर साहनी, अनिल कुमार शर्मा, अशोक जैन, राजीव जैन, विकास जैन, बीएल तलवाड़, योगेश गुप्ता आदि लोग शामिल हैं।

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