जुलाई से सिविल में पीईटी स्कैन, बचेंगे

राजन गोसाईं अमृतसर के सिविल अस्पताल में पीईटी-सीटी स्कैन मशीन लगने जा रही है। इस की इंस्टालेशन शुरू करने के लिए चंडीगढ़ से विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण करेगी। सब कुछ ठीक रहा, तो जुलाई 2026 तक यह सुविधा मरीजों के लिए चालू कर दी जाएगी। पीईटी (पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी) स्कैन एक एडवांस इमेजिंग टेस्ट है जो रेडियोधर्मी ट्रेसर की मदद से शरीर के अंदर की गतिविधियों को दिखाता है। इससे डॉक्टर यह समझ पाते हैं कि शरीर के कौन से अंग सही काम कर रहे हैं और कौन से नहीं। इस तकनीक से सामान्य सीटी या एमआरआई स्कैन की तुलना में बीमारियों का जल्दी पता लग जाता है। यह कैंसर, दिल और दिमाग से संबंधित बीमारियों को डिटेक्ट करने में मददगार है। मरीज को यह ट्रेसर नसों के जरिए दिया जाता है। कुछ समय बाद उसे बड़े स्कैनर के अंदर लेटाया जाता है, जहां शरीर के सक्रिय हिस्सों की 3डी तस्वीरें तैयार होती हैं। अधिक सटीक जानकारी के लिए इन छवियों को अक्सर सीटी स्कैन के साथ जोड़कर देखा जाता है, जिसे ही पीईटी-सीटी स्कैन कहा जाता है। अमृतसर की बात की जाए तो गुरु नानक देव अस्पताल में स्थित कैंसर अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन तो है लेकिन पीईटी स्कैन मशीन नहीं है। इतना ही नहीं, यह सुविधा गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज के पास भी नहीं है। गुरु नानक देव अस्पताल के कैंसर मरीजों को पीईटी स्कैन कराने के लिए फरीदकोट स्थित बाबा फरीद मेडिकल कॉलेज में तो श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज के कैंसर मरीजों को अमृतसर में स्थित एक निजी स्कैन सेंटर में यह टेस्ट कराने के लिए भेजा जाता है। निजी स्कैन सेंटर में कैंसर के लिए कराए जाने वाले इस टेस्ट के लिए मरीज से करीब 18 हजार रुपए फीस ली जाती है। सेहत विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस साल इस मशीन के यहां पर इंस्टाल होने से न सिर्फ अमृतसर बल्कि साथ लगते गुरदासपुर, बटाला, पठानकोट, तरनतारन बल्कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों के लोगों को भी फायदा मिलेगा। बता दें कि उपचार के बाद कैंसर के वापस लौटने का पीईटी स्कैन जल्दी पता लगाता है। यह एक दर्द रहित और अपेक्षाकृत तेज़ प्रक्रिया है। इससे बीमारी का सीटी/एमआरआई की तुलना में पहले पता चलता है।

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