भास्कर न्यूज | टोंक राजस्थान पटवार संघ के आह्वान पर डीपीएसी, डीए बढ़ाने सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के करीब 310 राजस्व पटवारी 6 दिनों से हड़ताल पर हैं। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न तहसील कार्यालय परिसरों में पटवारी सभी कार्यों का बहिष्कार कर 13 जनवरी से धरना दे रहे हैं। पटवारियों की हड़ताल से जिले में बीते 6 दिन में करीब 600 नामातंकरण दर्ज नहीं हुए। इनमें भूमि रहन मुक्त, हक त्याग, बेचान, विरासत आदि कार्य शामिल हैं। किसानों की केसीसी भी नहीं बन रही है। इसके साथ ही रबी फसलों की गिरदावरी का काम भी प्रभावित है। सरकार के निर्देशानुसार 1 जनवरी से गिरदावरी शुरू होनी थी। किसानों का मानना है कि समय पर गिरदावरी नहीं हुई तो किसानों को समर्थन मूल्य पर फसल बेचने में भी दिक्कत होगी। पटवार संघ के पदाधिकारियों के अनुसार उनकी मांगें भी कई वर्षों से लंबित हैं। इसको लेकर कई बार उच्च स्तर पर भी अवगत करवाया गया। फिर भी हल नहीं हुआ। इस कारण प्रदेशव्यापी आह्वान पर 13 जनवरी से संपूर्ण कार्य का बहिष्कार कर धरना दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि खेत में क्या फसल बोई गई है। इसकी गिरदावरी पटवारियों की ओर से की जाती रही है। जबकि अभी तक गिरदावरी की रिपोर्ट शून्य है। अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो जिले के किसानों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पटवारियों की 9 सूत्रीय मांगों में गिरदावरी एप में पटवार संघ के अनुसार अपेक्षित आवश्यक संशोधन करवाने, पटवारियों की ओर सर्वेयर नियुक्त नहीं करने, पटवार मंडल व भानोत कमेटी में वित्तीय स्वीकृति से शेष पटवार मंडल व भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त की वित्तीय स्वीकृति बजट घोषणा के अनुसार , स्टेशनरी भत्ता 400 रुपए से बढ़ाकर 1 हजार रुपए प्रतिमाह करने आदि मांगों के निस्तारण की मांग की जा रही है। पटवार संघ के टोंक तहसील अध्यक्ष हुकुमचंद ने बताया कि मुख्य मांग गिरदावरी एप में संशोधन करने की है। अब पटवारियों को फसलों की गिरदावरी ऑनलाइन एप से करनी अनिवार्य है। एप में कई तकनीकी खामी है। ^गिरदावरी एप में संशोधन करने सहित 9 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान पर पटवारी धरना लगा रहे हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हीरालाल यादव, जिलाध्यक्ष टोंक। . किसानों को केसीसी बनवाने के लिए रहन मुक्ति का प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। हड़ताल से पहले रहन मुक्ति के प्रमाण पत्र जारी हो गए उनका रहननामा दर्ज नहीं हो रहा। . आम दिनों में जिले की प्रत्येक तहसील में औसतन 40 नामांतरण दर्ज होते थे। इस तरह अवकाश के बावजूद अब तक करीब 600 नामातंकरण लंबित हैं। . . फसलों की गिरदावरी पटवारियों की ओर से की जाती है। 1 जनवरी से गिरदावरी शुरू करनी थी। हड़ताल के कारण अब तक गिरदावरी रिपोर्ट शून्य है। . . गेहूं सहित सभी कृषि जिंसों की एमएसपी पर खरीद भी सरकार गिरदावरी के आधार पर करेगी। समय पर गिरदावरी का काम पूरा नहीं हुआ तो किसानों को उपज बेचने में दिक्कत होगी। . . आय प्रमाण-पत्रों का सत्यापन, स्वामित्व योजना, पट्टे देने की कार्रवाई, जन्म प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस के प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।


