स्वास्थ्य विभाग:डेंगू में 90 प्रतिशत और चिकनगुनिया में 87 फीसदी की कमी; मलेरिया घटा, लेकिन गिर्वा–गोगुंदा अब भी संवेदनशील

डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रयास असरदार साबित हो रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।वर्ष 2024 में डेंगू के कुल 1268 पॉजिटिव मामले सामने आए थे, जिनमें अकेले उदयपुर शहर से 682 केस थे। इसके मुकाबले वर्ष 2025 में अब तक केवल 127 डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं। 2024 में डेंगू के सर्वाधिक केस सितंबर और अक्टूबर माह में सामने आए थे, जब क्रमशः 388 और 447 मामले डिटेक्ट हुए थे। वहीं, 2025 में अक्टूबर माह में अधिकतम 36 केस ही दर्ज किए गए। मलेरिया के मामलों में भी वर्ष 2025 में 2024 के मुकाबले कमी आई है, हालांकि यह गिरावट डेंगू जितनी नहीं रही। वर्ष 2024 में मलेरिया के कुल 419 रोगी मिले थे, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 317 रह गई। चिंता: गोगुंदा में मलेरिया के पिछले वर्ष 45 मामले थे, इस वर्ष 64 हुए ब्लॉकवार स्थिति देखें तो वर्ष 2025 में गिर्वा ब्लॉक में मलेरिया के 54 मामले सामने आए हैं। चिंता की बात यह है कि गोगुन्दा ब्लॉक में मलेरिया के मामले पिछले वर्ष के 45 के मुकाबले बढ़कर इस वर्ष 64 हो गए हैं। चिकनगुनिया के मामलों में सबसे सुखद स्थिति देखने को मिली है। वर्ष 2024 में चिकनगुनिया के कुल 307 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें उदयपुर शहर के 243 मामले शामिल थे। वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर मात्र 38 रह गई है। इनमें से शहर में केवल 24 मामले ही रिपोर्ट हुए हैं। विभाग के प्रयास जारी “चिकित्सा विभाग के प्रयास जारी हैं। डेंगू-चिकनगुनिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। मलेरिया को लेकर भी पिछले वर्ष बेहतर कार्य हुआ था। इस वर्ष प्रयासों को तेज किया जा रहा है।” -डॉ. अशोक आदित्य, सीएमएचओ उदयपुर

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