भास्कर संवाददाता | खरगोन देवी अहिल्या शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के शताब्दी समारोह का शुभारंभ शनिवार को भावनाओं, स्मृतियों और उत्साह के साथ हुआ। यह आयोजन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इसे प्रशासन नहीं, पूर्व छात्रों द्वारा आयोजित किया जा रहा है। समारोह के पहले ही दिन स्कूल परिसर में दशकों पुरानी यादें जीवंत हो उठी। बैंगलुरु, पुणे, उज्जैन, इंदौर सहित अमेरिका (यूएसए) से भी पूर्व छात्र पहुंचे। सभी का आयोजन स्थल पर परिचय के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। आयोजन समिति के पूर्व विधायक रवि जोशी, अनिल महाजन, श्याम परसाई, पप्पू पटेल, श्रीपाद जोशी एवं प्रचार समिति के नीरज ठक्कर ने बताया समारोह की शुरुआत पूर्व छात्रों के क्रिकेट मैच से हुई। जिसने पुराने दिनों की मित्रता और खेल भावना को फिर से जीवंत कर दिया। मैदान पर उतरे खिलाड़ियों में उम्र भले ही बढ़ गई हो, लेकिन जोश और अपनापन आज भी वैसा ही नजर आया। सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीगणेश वंदना और कथक नृत्य से हुआ। इसके पश्चात स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी लोकेंद्र भार्गव, राजकुमार शर्मा और बाली चंदानी ने बताया पूर्व छात्र-छात्राओं द्वारा गायन प्रस्तुतियां, राजस्थानी लोकनृत्य और आदिवासी नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से हमु काका बाबा ना पोरिया रे…, ए झामरू…जैसे आदिवासी गीतों पर नृत्य एवं गायन की प्रस्तुतियां दी। समारोह का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब 1971 में अध्ययनरत छात्र रामकुमार दुबे, शिवकुमार दुबे और प्रफुल्ल ठक्कर 54 वर्ष बाद उज्जैन से अपने विद्यालय पहुंचे। इसके साथ ही 1965 बैच के छात्र भी शामिल हुए। राजेंद्र सिंह चौटाला यूएसए से आए। इन पूर्व छात्रों का स्कूल परिसर में पहुंचना आयोजन का यादगार पल बन गया।


