बालाघाट जिले में धान परिवहन की धीमी गति और बदलते मौसम के कारण लाखों क्विंटल धान खुले में पड़ा है। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को परिवहन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर मृणाल मीणा अपने कक्ष में जिला उपार्जन समिति की बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले में समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी और उसके परिवहन की स्थिति पर अधिकारियों से चर्चा की। केंद्रों से धान के कम परिवहन पर नाराजगी जताई कलेक्टर मीणा ने बालाघाट और लालबर्रा विकासखंड के केंद्रों से धान के कम परिवहन पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों विकासखंडों में खरीदी केंद्रों से धान का उठाव तेजी से किया जाए और इसके लिए वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने अगले दो दिनों के भीतर इन दोनों विकासखंडों के केंद्रों से 90 प्रतिशत से अधिक धान का उठाव सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों पर धान के बोरों की सिलाई कार्य की गति बढ़ाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले में अधिगृहीत सभी गोदामों में धान का भंडारण तेजी से किया जाए और कोई भी अधिगृहीत गोदाम खाली नहीं रहना चाहिए। धान खरीदी भुगतान शीघ्र करें, सीएम हेल्पलाइन शिकायतें निपटाएं उन्होंने किसानों से खरीदी गई धान का शीघ्रता से भुगतान करने के साथ ही, धान के भुगतान के संबंध में किसानों की ओर से सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जिले में अब तक 93 हजार 452 किसानों से कुल 46 लाख 54 हजार 210 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से 35 लाख 71 हजार 520 क्विंटल धान का परिवहन कर गोदामों में पहुंचाया गया है। किसानों को भुगतान के लिए 762 करोड़ रुपए के ईपीओ जनरेट हुए हैं, जिसमें से 622 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। 11 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले में पड़ी खरीदी गई धान के आंकड़ों के अनुसार, अभी भी 11 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले में पड़ी है, जिस पर बदलते मौसम का खतरा मंडरा रहा है। इस दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी आरके ठाकुर, उप पंजीयक सहकारी संस्थाए राजेश उइके, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील किरार, मंडी निरीक्षक मनोज पटले, वेयर हाउस प्रबंधक पटले और उपार्जन समिति के सदस्य तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


