बिलासपुर| कुर्मी क्षत्रिय सेवा समिति बिलासपुर के पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। समाज के कई सदस्यों ने आरोप लगाया है कि निर्धारित चुनाव प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए मनोनयन के जरिए पदाधिकारियों का चयन किया गया, जो संस्था की नियमावली और पंजीकरण अधिनियम का उल्लंघन है। इस मामले को लेकर फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर के रजिस्ट्रार कार्यालय में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब चुनाव के बाद 4 जनवरी को पुरानी कार्यकारिणी की अंतिम बैठक बुला ली गई। समाज के लोगों का कहना है कि पुरानी कार्यकारिणी द्वारा बैठक बुलाना नियमों के खिलाफ है। शिकायत के अनुसार कुर्मी क्षत्रिय सेवा समिति, सीपत रोड चांटीडीह चौक, बिलासपुर एक पंजीकृत संस्था है, जिसका पंजीयन क्रमांक 13805 26 जून 1984 है। संस्था के पहले अध्यक्ष स्व. बीआर कौशिक थे। वर्ष 1998 में उनके निधन के बाद उनके पुत्र रमेश कौशिक को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। समाज के लोगों का आरोप है कि इसके बाद वर्ष 1998 से 26 जून 2022 तक अवैध रूप से अध्यक्ष पद पर कब्जा बनाए रखा गया। बताया गया कि 26 जून 2022 को फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक की मौजूदगी में विधिवत चुनाव संपन्न कराया गया था। इस चुनाव के बाद 28 जून 2022 से 26 जून 2025 तक का तीन वर्षीय कार्यकाल तय किया गया। आरोप है कि इसके बावजूद बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कार्यकाल को छह माह तक बढ़ा दिया गया। इसके बाद 14 दिसंबर को साधारण सभा में संस्था की नियमावली के इंडिका क्रमांक 10 और 11 का उल्लंघन करते हुए चुनाव प्रक्रिया अपनाई गई। समाज के सदस्यों का कहना है कि मनोयन से नियुक्ति करना असवैंधानिक है।


