डीग में तालाबों की गंदगी पर 40वें दिन धरना:प्रशासन के खिलाफ किया सद्बुद्धि हवन, भूख हड़ताल की चेतावनी

डीग में तालाबों की गंदगी और मछलियों की मौत के विरोध में चल रहा धरना प्रदर्शन 40वें दिन भी जारी रहा। पूर्व जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा भाजपा गिरीश शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया। गिरीश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो वे भूख हड़ताल और आत्महत्या करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने बताया कि डीग जिले के लगभग 3000 घरों का गंदा पानी सीधे तालाबों में आ रहा है। शर्मा के अनुसार कई लोगों ने शौचालय के टैंक भी नहीं बनवाए हैं, जिससे मल-मूत्र का पानी सीधे तालाबों में मिल रहा है। मल के महीने में जब 84 कोस परिक्रमा होती है, तो लाखों श्रद्धालु इन तालाबों में स्नान करते हैं और बदबूदार जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। जल महल देखने आने वाले हजारों पर्यटक भी इस बदबूदार पानी से निराश होते हैं। सफाई के मुद्दे पर तीनों संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। गिरीश शर्मा ने आरोप लगाया कि पुरातत्व विभाग तालाबों से अपनी जिम्मेदारी नहीं मानता, जबकि 100 मीटर के दायरे में मकानों का काम चलने पर तुरंत रुकवाने पहुंच जाता है। उन्होंने सिंचाई विभाग पर ‘डीग स्केप’ के नाम पर करोड़ों रुपए का टेंडर निकालने और कहीं भी पैसा न लगाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। पुरातत्व विभाग का कहना है कि दोनों तालाबों से उनका कोई संबंध नहीं है, जबकि नगर परिषद ने तालाबों को उन्हें सौंपने पर ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक गटर का पानी तालाबों में आना बंद नहीं होता और घाटों की सफाई नहीं होती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
इस मौके पर गोपाल पंडित, मनीषा, रघुवीर, सचिन, फत्ते, नवल सिंह वहज और राजेश वहज सहित कई लोग मौजूद थे।

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