उज्जैन में इस सर्दी के मौसम में पहली बार कोहरे के साथ हल्की फुहार दर्ज की गई। शनिवार को शुरू हुई यह स्थिति रविवार सुबह भी बनी रही, जिससे शहर में कड़ाके की ठंड का असर बढ़ गया। न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शनिवार शाम ढलने के बाद मौसम में बदलाव आया। रात करीब 12 बजे शहर के कई हिस्सों में घना कोहरा छा गया, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) में भारी गिरावट आई। रविवार सुबह कुछ इलाकों में दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई। इस कारण यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। दिन में हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े रविवार सुबह भी कोहरे का असर बरकरार रहा। शिप्रा ब्रिज, नानाखेड़ा बस स्टैंड और इंदौर रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर घना कोहरा देखा गया। सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही कम रही। वाहन चालकों को कम दृश्यता के कारण हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है, जिसका असर मालवा अंचल में ठंडी हवाओं, कोहरे और हल्की फुहार के रूप में दिखाई दे रहा है। वेधशाला से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की आर्द्रता 98 प्रतिशत और हवा की गति 4 किलोमीटर प्रति घंटा रही। हल्के कोहरे के दौरान शहर में दृश्यता 100 से 200 मीटर के बीच थी, जबकि अलसुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों के बाद बादल छंटने पर ठंड और अधिक बढ़ेगी, जिससे रातें ज्यादा सर्द हो सकती हैं।


