आमजन के सामान्य कार्य अटके:यूआईटी में स्वीकृत 26 पदों पर सिर्फ 5 कार्मिक ही नियुक्त, उनमें भी दो के पास अतिरि​क्त चार्ज

नगर विकास न्यास कार्यालय बाड़मेर पिछले काफी समय से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। स्टाफ की कमी के कारण जनता से जुड़े काम नहीं हो रहे है। यूआईटी में अध्यक्ष का पद पिछले 5 साल से खाली पड़ा है। जबकि कार्मिकों के पद लगातार रिक्त रहने की वजह से नगर न्यास विकास की योजनाओं को लेकर कोई कार्य योजना भी नहीं बन रही है। इसके कारण यूआईटी में आमजन का कोई काम नहीं हो रहा है। यूआईटी कार्यालय में विभिन्न पदों के 26 पद स्वीकृत है। लेकिन मात्र 5 पदों पर ही कार्मिक नियुक्त है। उसमें भी दो मुख्य पदों पर अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। ऐसे में नियमन, पट्टों तथा अन्य कार्य को लेकर यूआईटी आने वाले लोगों को अपने छोटे से कार्य के काफी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्टाफ की कमी के बाद भी कार्यालय में एक-दो कर्मचारी ही उपस्थित मिलते हैं। जिसके कारण यहां आने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। यूआईटी सचिव के पास नगरपरिषद आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार बाड़मेर यूआईटी कार्यालय में सचिव, अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता, उपनगर नियोजक सहित कुल 26 पद स्वीकृत है, लेकिन इन 26 पदों में से सिर्फ 5 पदों पर ही कार्मिक नियुक्त है। उसमें भी सचिव और भूमि शाखा में लगे लिपिक के पद पर कार्यरत कार्मिकों को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। यूआईटी में कार्यरत एईएन भी लंबे समय से अवकाश पर चल रहा है। जिसके कारण कार्यालय में मात्र जेईएन और एक लिपिक ही उपस्थित रहते हैं। यूआईटी में आने वाले शहरवासियों को अपने छोटे से कार्य के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पद रिक्तता को लेकर जनप्रतिनिधियों और सरकार को भी लगातार अवगत करवाने के बाद नियुक्ति नहीं हो रही है। जि​सका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। स्टाफ की कमी के कारण योजनाएं ठंडे बस्ते में यूआईटी में पांच ​कार्मिकों का ही स्टाफ है, वह भी समय पर कार्यालय में नजर नहीं आते है। ऐसी स्थिति में यूआईटी के अधिकारियों द्वारा दो नई योजनाएं लागू करने का प्रस्ताव लिया। वह भी मंथर गति से चल रहा है। यूआईटी के अधिकारियों द्वारा लालानियों की ढाणी के पास और गडरारोड पर दो आवासीय योजनाएं प्रस्तावित की है। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते इन दोनों योजनाओं का कार्य भी काफी धीरे चल रहा है। जिसके कारण इन दोनों योजनाओं को लेकर आमजन का इंतजार बढ़ता जा रहा है। “बाड़मेर यूआईटी में स्टाफ के रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा गया है। यूआईटी में मुख्य लिपिक पद रिक्त होने के कारण उसका अतिरिक्त चार्ज दि​या गया है। साथ ही कई पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई है। जिसके कारण यह पद रिक्त चल रहे हैं।” -श्रवणसिंह राजावत, सचिव, यूआईटी, बाड़मेर।

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