झारखंड के पलामू जिले स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जिला प्रशासन ने रेड मारा। पुलिस बल के साथ कॉलेज कैंपस पहुंची सदर एसडीओ सुलोचना मीणा ने गर्ल्स और बॉयज दोनों हॉस्टल के कमरों में तलाश ली। इस दौरान बॉयज हॉस्टल से जांच टीम ने गांजा, शराब, शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट्स मिले। इतना ही नहीं लड़कों के कमरे से लड़कियों के कपड़े भी टीम ने बरामद किया है। प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई से स्टूडेंट्स नाराज हो गए। इसके बाद रात नौ बजे से देर रात दो बजे तक स्टूडेंट्स ने जम कर बवाल काटा। नाराज स्टूडेंट्स नारेबाजी भी कर रहे थे। स्टूडेंट्स का कहना था कि प्रशासन बिना पूर्व सूचना के इस तरह से अचानक जांच नहीं कर सकती है। जांच के दौरान कई लड़कों ने अपने कमरे के दरवाजे नहीं खोले। उन्होंने जांच कराने से साफ इनकार कर दिया। सूचना पर प्रशासन ने की कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज और उसके हॉस्टल में नशे का बाजार बनने की शिकायत कई बार प्रशासन तक पहुंची थी। गांजा सहित दूसरे नशीले पदार्थों को स्टूडेंट्स के बीच बेचा जाता था। सूत्रों की मानें तो पुख्ता सबूत नहीं होने की वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इधर एक्शन मोड में पहुंची एसडीओ सुलोचना मीणा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में विधि व्यवस्था और नशेबाजी को लेकर शिकायत मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मेडिकल कॉलेज कैंपस किस तरह नशे का बाजार बन रहा है इसकी जांच की जा रही है। अंतिम जांच के बाद नारकोटिक्स एवं उत्पाद विभाग से भी इसकी जांच कराई जाएगी। क्या कहते हैं स्टूडेंट्स हंगामा कर रहे स्टूडेंट्स का कहना है कि बिना प्रिंसिपल की अनुमति के ऐसा नहीं हो सकता है। छात्राओं ने कहा कि बिना वार्डन या प्रिंसिपल की अनुमति के गर्ल्स हॉस्टल में जांच कैसे की जा सकती है। प्रशासन की यह कार्रवाई प्रिंसिपल की अनुमति से ही हुई है। वहीं प्राचार्य पीएन महतो का कहना है कि पहले छात्रों पर कोई रोक-टोक नहीं थी। जब से सख्ती की गई है, छात्र उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। वहीं छात्राओं ने प्रिंसिपल पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। कैंपस में जुटे रहे 300 स्टूडेंट्स प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज लगभग 300 छात्रों ने विरोध किया। छात्रों का प्रदर्शन रात 9 बजे से लेकर रात 2 बजे तक चला। इधर प्रशासन के मुताबिक पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह एक्शन लिया गया है। आगे भी जरूरत पड़ी तो इस तरह की कार्रवाई की जा सकती है।


