प्रदेश स्तरीय समान परीक्षा में पहले दिन ही धांधली:पिछले साल का पेपर हूबहू इस बार दिया, विभाग को पता ही नहीं, भास्कर ने बताया तो अफसरों ने मौन साधा

पहली बार जिला स्तर की जगह प्रदेश स्तर पर कराई जा रही कक्षा 9 से 12 की समान परीक्षा में पहले ही दिन गड़बड़ी सामने आईं। शनिवार को 12वीं अर्द्धवार्षिक परीक्षा की शुरुआत हुई। पहले दिन कला संकाय के इतिहास विषय का आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत विषय का पेपर था और कुल 33 प्रश्न थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें से 32 प्रश्न हूबहू वही थे, जो पिछले साल जिला स्तर पर हुई इस विषय की परीक्षा में अथवा वाले प्रश्नों सहित पूछे गए थे। पुराने पेपर में यूं तो 31 सवालाें के जवाब मांगे गए थे, लेकिन अथवा सहित इनकी संख्या 35 थी। इस बार 33 सवाल पूछे गए, लेकिन अथवा प्रश्न का विकल्प ही नहीं था। पुराने पेपर से केवल एक ही प्रश्न छोड़ा गया, बाकी का इस्तेमाल क्रम संख्या बदलकर किया गया। एक प्रश्न जो पिछले पेपर से जुदा था वह ऑपरेशन शक्ति से संबंधित था। शिक्षा विभाग को इस मामले की जानकारी ही नहीं थी। भास्कर ने अफसरों को बताया तो उदयपुर में तो सबने चुप्पी साध ली। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बता दें कि समान परीक्षा के तहत सरकारी के साथ निजी स्कूलों के कक्षा 9 से 12वीं तक की परीक्षा ली जा रही है। प्रदेशभर में 12वीं के कुल 4.97 लाख विद्यार्थी हैं। इनमें उदयपुर के 24 हजार 911 हैं। विशेषज्ञों ने पेपर बनाने में नहीं की मेहनत, विभाग ने बिना जांचे छापा मामला सामने आने के बाद भले ही उच्चाधिकारी अभी कोई जवाब नहीं दे रहे, लेकिन यह साफ है कि पेपर बनाने को लेकर किसी भी विशेषज्ञ ने मेहनत नहीं की। केवल पुराने पेपर उठाकर सिर्फ क्रमांक बदलकर नया पेपर तैयार कर दिया। विभाग ने भी बिना किसी छानबीन के प्रकाशित करवा दिया। प्रश्न पत्र बनाने का काम प्रदेश स्तरीय मॉडरेशन सिस्टम से होता है। इसमें विषय विशेषज्ञ पेपर मॉडरेट करते हैं। उसी में से प्रश्न चुनकर पेपर तैयार किया जाता है। पुराना पेपर से उदयपुर जिले में सत्र 2023-24 में ली गई अर्द्धवार्षिक परीक्षा का है। अब बड़ा सवाल ये है कि क्या इसे यहीं से लिया गया या अन्य जिलों की परीक्षा में भी पिछली बार इससे परीक्षा ली गई और वहां से लिया गया। पुराने पेपर की तरह 4 सेक्शन, बस क्रमांक बदले पेपर अ-ब-स-द सेक्शन में था। अ से लेकर स तक पिछले साल की तरह 9-9 प्रश्न थे। स सेक्शन का एक प्रश्न बदला और ऑपरेशन शक्ति के बारे में पूछा। पुराने पेपर में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के बैंकाें के राष्ट्रीयकरण से जुड़ा प्रश्न था। द सेक्शन में पिछले साल के 6 प्रश्न थे। अंतर सिर्फ यह था कि पिछले साल 4 प्रश्नों में अथवा का विकल्प था यानी 8 प्रश्न थे। इस बार 6 सवाल थे, अथवा का विकल्प नहीं था। निजी स्कूलों ने उठाए सवाल
“समान परीक्षा में जो स्थिति पहले दिन बनी है, वह हास्यास्पद है। आज के पेपर और पिछले साल के पेपर में कोई अंतर नहीं है। ये अनियमितता है या फिर कुछ और? पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला है।”
– डॉ. उपेंद्र रावल, सचिव, प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स मैनेजमेंट एसोसिएशन, उदयपुर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *