मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर दिए गए विवादित ‘घंटा’ बयान के विरोध में जिला कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के कार्यालय का घेराव करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने पहले ही अलर्ट मोड में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। सांसद कार्यालय तक नहीं पहुंच सके कांग्रेसी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज तोमर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस ने सांसद बंगले से पहले ही बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सड़क पर बैठकर बजाया घंटा
रोकने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य मार्ग पर ही बैठ गए और घंटा बजाकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान का विरोध किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मंत्री को “घंटा मंत्री” कहकर संबोधित किया। पुलिस ने किया बल प्रयोग, गिरफ्तारी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। सभी को पुलिस लाइन ले जाकर कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। कांग्रेस का आरोप और चेतावनी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज तोमर ने कहा कि इंदौर, जिसे आठ बार स्वच्छता में नंबर-1 का पुरस्कार मिला है, वहां दूषित पानी से मौतें होना गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मंत्री का बयान असंवेदनशील है। कांग्रेस ने मांग की है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लिया जाए।कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 11 जनवरी के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। स्थिति नियंत्रण में
पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।


