शहर में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन को प्रशासन ने बीच में ही रोक दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद निवास के सामने ‘घंटा बजाओ’ आंदोलन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सत्कार तिराहे पर ही रोक लिया। इसके चलते कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद के घर तक नहीं पहुंच सके। कांग्रेस नगर अध्यक्ष पप्पू यादव के अनुसार, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए सत्कार तिराहे पर पहले से पुलिस बल तैनात था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया और सांसद निवास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी। कांग्रेस का आरोप—लोकतांत्रिक अधिकार दबाया गया
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उनका कहना था कि सरकार के दबाव में प्रशासन ने प्रदर्शन को रोका। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सत्कार तिराहे पर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया। पुलिस का पक्ष—शांति व्यवस्था के लिए कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था या टकराव की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सांसद निवास की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी। भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
कांग्रेस के प्रदर्शन की सूचना पर भाजपा कार्यकर्ता भी सांसद निवास के आसपास एकत्र हुए थे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की आशंका के चलते पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और भाजपा कार्यकर्ताओं को भी नियंत्रित रखा। भारी पुलिस बल तैनात
विवाद की संभावना को देखते हुए अंबेडकर तिराहे, सत्कार तिराहे, कोतवाली सहित आसपास के थानों का पुलिस बल सांसद निवास के क्षेत्र में तैनात किया गया था। करीब एक घंटे तक सत्कार तिराहे पर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं से वापस लौट गए। इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन राजनीतिक माहौल गर्माया रहा।


