दक्षिण पन्ना वनमंडल में 3 और 4 जनवरी को जलपक्षियों की गिनती की गई। यहां पहली बार दो दिवसीय एशियन वाटरबर्ड्स सेंसस का आयोजन हुआ। 29 जलाशयों में किए गए इस सर्वे में 45 से ज्यादा प्रजातियों के करीब 5400 जलपक्षी पाए गए। वन मंडल अधिकारी अनुपम शर्मा ने बताया कि यह गिनती आर्द्रभूमियों की स्थिति और पक्षियों के संरक्षण का डेटा जुटाने के लिए की गई थी। इसके लिए 6 टीमें बनाई गई थीं, जिनमें 25 से ज्यादा वन अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी दर्ज सर्वे के दौरान ब्लैक स्टॉर्क और लेसर एडजुटेंट जैसे दुर्लभ पक्षी देखे गए। इनके अलावा लेसर व्हिसलिंग डक, रुडी शेलडक, कॉटन पिग्मी गूज और पनकौआ भी जलाशयों में मिले। पेंटेड स्टॉर्क और एशियन ओपनबिल जैसे पक्षियों की मौजूदगी भी दर्ज की गई। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया कार्य इस सर्वे में पवई, रैपुरा, सलेहा, कल्दा, शाहनगर और मोहंद्रा रेंज के अमले ने हिस्सा लिया। नितेश पटेल, विवेक जैन, जीतू सिंह बघेल, वीरेंद्र पटेल, आशीष पांडे और संदीप राय सहित अन्य वनरक्षकों ने मैदानी स्तर पर पक्षियों की संख्या का डेटा जुटाया। इस गणना से भविष्य में पक्षी संरक्षण के काम में मदद मिलेगी।


