सरगुजा जिले के ग्राम रनपुर खुर्द के तकिया में वनभूमि को अपना बताकर 41 लोगों को स्टांप में सौदा कर जमीन बेचने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी की है। वनभूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर वनविभाग ने लोगों का कब्जा खाली करा लोगों का घर तोड़ दिया था। ठगी के शिकार हुए पीड़ित ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। जानकारी के मुताबिक, रनपुर खुर्द निवासी नेजारूदीन अंसारी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह और उनके जैसे अन्य लोग अलग-अलग जगह से करीब 15-20 साल पहले अंबिकापुर में आकर किराये के मकान में रहकर कमा खा रहे थे। उन्हें रनपुर खुर्द निवासी मो.रशीद ने तकिया के शासकीय वनभूमि को अपना बता बेचने का सौदा किया और स्टांप में एग्रीमेंट कर जमीन पर कब्जा दिलाया। नेजारूदीन सहित अन्य लोगों ने स्टांप में सौदा कर रुपए मो. रशीद को दिया और अपना घर बनाया। वर्ष 2008 से 2022 के बीच अनावेदक मो. रशीद ने अपने परिवार के सदस्यों की सहायता से ग्राम रनपुर, खैरबार में लगभग 41 व्यक्तियों को जमीन का सौदा कर स्टांप में बेचा और लाखों की धोखाधड़ी की। वनविभाग ने कार्रवाई कर तोड़ा मकान
रनपुर खुर्द के तकियापारा में समुदाय विशेष के लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत भाजपा नेता आलोक दुबे ने की थी। शिकायत पर वनविभाग ने वनभूमि पर कब्जाधारियों का सर्वे किया और 41 लोगों का अवैध कब्जा तोड़ दिया था। कार्रवाई के बाद जमीन खरीदने वालों को स्पष्ट हुआ कि यह वनभूमि है, जिसे खरीद-बिक्री नहीं की जा सकती है और न ही किसी को इसका पट्टा मिलेगा। कार्रवाई के बाद मो. रशीद एवं उनके परिजनों ने जमीन खरीदने वालों पर दबाव बनाया कि वे उसके द्वारा निष्पादित मूल बिक्री विलेख, दस्तावेज वापस कर दें। मामले में कोतवाली पुलिस ने मो. रशीद के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 IPC का अपराध दर्ज किया था। पुलिस ने मो. रशीद (46 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा ने बताया कि मामले में जांच के बाद धारा 201 भी जोड़ी गई है। अन्य आरोपियों पर भी प्रकरण में संलिप्तता के आधार पर कार्रवाई होगी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।


