इंदौर में हुई घटना के बाद खरगोन प्रशासन जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर सतर्क हो गया है। इसी क्रम में रविवार को कलेक्टर भव्या मित्तल ने आनंदनगर और इस्लामपुरा क्षेत्रों में जलप्रदाय लाइनों का निरीक्षण किया। इस दौरान पानी के सैंपल लेकर मौके पर ही किट से जांच की गई, जिसमें पेयजल की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। कलेक्टर ने पानी बचाने और टंकियों की नियमित सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से तीन महीने में एक बार टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ नपाध्यक्ष छाया जोशी, सीएमओ कमला कौल, जल प्रभारी संजय सोलंकी सहित पीआईयू और जल आवर्धन योजना टीम के सदस्य मौजूद थे। शहर में नालियों से गुजर रही पुरानी पेयजल लाइनों की जांच जारी है। दूषित पानी के संपर्क में आने वाली जगहों को चिह्नित कर वहां लाइनों को बदला जाएगा। जल कार्य प्रभारी संजय सोलंकी ने बताया कि वर्तमान में पैरामीटर के अनुसार पानी की आपूर्ति की जा रही है और किट से भी इसकी जांच की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दूषित पानी के संपर्क में आने वाली पेयजल लाइनों की लगातार जांच की जा रही है और कहीं से भी शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। खरगोन में लगभग 94 करोड़ रुपए की लागत वाली जल आवर्धन योजना का कार्य अंतिम चरण में है। नगरीय प्रशासन विभाग और गुजरात की जेएमसी कंपनी की टीम मिलकर शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था की देखरेख कर रही है।


