लखनऊ में कुत्ता पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम और स्थानीय पार्षदों पर एक महिला के साथ गंभीर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप लगे हैं। मासूम फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके सीने पर हाथ रखा गया, उन्हें जबरन रोका गया और भीड़ के बीच असुरक्षित हालात में रखा गया। नेहा के मुताबिक, नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़ने आई थी। वे और उनकी टीम सिर्फ यह देखने पहुंची थीं कि जो कुत्ते लोगों को काट रहे हैं, कार्रवाई उन्हीं पर हो। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पार्षद पर भीड़ जुटाने और अभद्र भाषा का आरोप नेहा ने बताया कि मौके पर मौजूद पार्षद ने आम लोगों को इकट्ठा कर लिया। आरोप है कि पार्षद और कई अन्य लोगों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने अपनी संस्था के अन्य साथियों को बुलाया। वीडियो बनाने पर भड़के लोग नेहा का कहना है कि जब वे घटना का वीडियो बना रही थीं, तो उनसे पूछा गया कि वीडियो क्यों बना रही हैं। उन्होंने जवाब दिया कि वीडियो इसलिए बना रही हैं ताकि कोई गलत हरकत न हो सके। इसके बाद लोगों ने उनका फोन छीनने की कोशिश की। पार्षद ने छीना फोन, जमीन पर फेंका आरोप है कि इसी दौरान मौके पर पहुंचे पार्षद अनुराग मिश्रा ने उन्हें पीछे से घसीटा और उनका मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर फेंक दिया। जिससे फोन टूट गया। दीवार की ओर धकेला, जाने नहीं दिया नेहा ने बताया कि फोन टूटने के बाद वे खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस करने लगीं। कुछ लोगों ने उन्हें कसकर दीवार की ओर धकेल दिया, जिससे वे डर गईं और रोने लगीं। उनकी सहयोगी पूजा उनके पास खड़ी होकर उन्हें संभालती रहीं। जब नेहा ने वहां से जाने और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो आरोप है कि उन्हें जाने नहीं दिया गया। इस दौरान सीने पर हाथ रखकर रोका गया और कई आपत्तिजनक हरकतें की गईं। नेहा ने पार्षद अनुराग मिश्रा और सुनील सिंह नाम के व्यक्ति पर धमकाने और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं।


