भास्कर न्यूज |लुधियाना हलका गिल के अंतर्गत आते गांव बग्गा कलां, चाहड़ क्षेत्र के बेट एरिया में स्थित बायोगैस प्लांट का लगभग 20 ग्राम पंचायतों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। इस मौके पर सभी ग्राम पंचायतों ने ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन काउंसिल को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए जानकारी दी कि लुधियाना प्रशासन गांवों की पंचायतों को डराकर-धमकाकर गैस प्लांट चलाने के पक्ष में हस्ताक्षर करवाने की कोशिश कर रहा है, जबकि पंचायतें इस प्लांट का लगातार विरोध कर रही हैं। ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन काउंसिल के नेशनल चेयरमैन डॉ. कुंवर ओंकार सिंह नरूला ने प्रेस को बताया कि यदि यह प्लांट चला तो इलाके में कैंसर जैसी भयानक बीमारियां फैल सकती हैं। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और रिलायंस कंपनी मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में क्षेत्र की पंचायतों ने प्लांट बंद करवाने का प्रस्ताव हलका गिल के विधायक को सौंपा है। इस प्रस्ताव की एक प्रति बीडीओ लुधियाना को भी दी गई है। ग्राम पंचायतों ने काउंसिल के संज्ञान में यह भी लाया कि हाल ही में रात के समय प्रशासन के कुछ अधिकारी सिविल ड्रेस में आए और सरपंच पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाने का दबाव बनाया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण अधिकारियों को बिना कामयाबी लौटना पड़ा। पंचायतों ने बताया कि अगस्त-सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान के साथ क्षेत्रवासियों और तालमेल कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें प्लांट को पूरी तरह बंद करने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद अब प्रशासन फिर से प्लांट चलाने के लिए दबाव बना रहा है और सरपंच-पंचों व ग्रामीणों को बड़े-बड़े लालच दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव चाहड़, बग्गा कलां, रज्जोवाल, नूरपुर बेट, रसूलपुर, मोड़ां, कुतबेवाल गुजरां, छोअले, कपूर सिंह वाला, मन्नेवाल, बौंकड़ डोगरां, बाड़ेवाला डोगरां, लाडोवाल, लादियां खुर्द सहित सभी ग्राम पंचायतें इस रिलायंस बायोगैस प्लांट का सख्त विरोध कर रही हैं। डॉ. नरूला ने क्षेत्रवासियों को आश्वासन दिया कि यदि प्रशासन और रिलायंस कंपनी प्लांट बंद नहीं करती तो ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन काउंसिल माननीय हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करेगी, ताकि लोगों को न्याय मिल सके। इस अवसर पर ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आसा सिंह आज़ाद ने भी भरोसा दिलाया कि लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे दिन-रात संघर्ष करेंगे।


