जालंधर| पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की अहम मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें संरक्षक कमल कुमार, प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल सहित प्रदेश भर के सभी डिपो से पदाधिकारी शामिल हुए। प्रधान गिल ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना हर कर्मचारी का हक है। इसी कड़ी में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गेट रैलियां कर रहे कर्मचारियों पर गलत एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेलों में डाला गया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 30 नवंबर को पंजाब के परिवहन मंत्री, एमडी पनबस और पीआरटीसी के साथ हुई बैठक में सभी कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर रद्द करने पर सहमति बनी थी, जिसके बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। इसके बावजूद जेल से रिहा किए गए कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लिया गया, जबकि संगरूर के 10 कर्मचारी अभी भी जेल में बंद हैं। प्रदेश सचिव शमशेर सिंह ढिल्लों, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह पन्नू और कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि सरकार हर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। यूनियन ने ऐलान किया कि 6 जनवरी को सभी डिपो में गेट रैलियां कर कर्मचारी काली पट्टियां बांधकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे। वहीं, 9 जनवरी को पक्के धरनों की शुरुआत की जाएगी। इस अवसर पर प्रदीप कुमार, हरप्रीत सिंह, जगजीत सिंह, निरपाल सिंह, भगत सिंह, सतपाल सिंह, हरविंदर सिंह, रमनदीप सिंह, रोही राम, जतिंदर सिंह, संदीप सिंह, सरबजीत सिंह और बिक्रमजीत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।


