भास्कर न्यूज | अंबिकापुर आधार बेस अटेंडेंस प्रणाली 1 जनवरी से लागू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। सुपरवाइजर (पुरुष/महिला), सीएचओ, बीईटीओ और नेत्र सहायक अधिकारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से यह व्यवस्था उनके दैनिक कार्यों में बाधा बन रही है। नियमों के अनुसार सुबह 10 बजे और शाम 5 बजे अटेंडेंस लगाना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा कर्मचारी को अनुपस्थित या हाफ डे माना जाएगा। मामले को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अंबिकापुर प्रवास के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। मंत्री ने कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए आवश्यकता अनुसार नियमों में बदलाव की संभावना पर सहमति जताई। साथ ही संघ की वन-टाइम ओपीडी संबंधी मांग पर भी नीतिगत स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया। संघ ने बताया कि अटेंडेंस एप में उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ही लोकेशन पॉइंट बनाया गया है, जबकि मैदानी कर्मचारी टीकाकरण, सर्वे, मरीजों के फॉलो-अप और आयुष्मान कार्ड जैसे कार्यों के लिए पूरे क्षेत्र में भ्रमण करते हैं। ऐसे में शाम 5 बजे अटेंडेंस लगाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय, आर्थिक नुकसान और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कर्मचारी समय आधारित नहीं बल्कि लक्ष्य आधारित कार्य करते हैं और आपातकालीन स्थितियों में 24 घंटे सेवाएं देते हैं। निजी मोबाइल में एप डाउनलोड करने से साइबर क्राइम का खतरा भी जताया गया है। स्वास्थ्य मंत्री से समस्याओं पर चर्चा करते संघ के प्रतिनिधि।


