अधर्म बढ़ता है तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं

भास्कर न्यूज | उपरवाह पदुमतरा में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह के तीसरे दिवस रविवार को राष्ट्रीय व छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित युवराज पांडे सृष्टि की रचना का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान विष्णु की इच्छा से पंचमहाभूतों की उत्पत्ति हुई और ब्रह्मांड की रचना संपन्न हुई। पंडित युवराज ने भगवान के 24 अवतारों का उल्लेख करते हुए प्रत्येक अवतार के उद्देश्य और संदेश को सरल शब्दों में समझाया। विशेष रूप से वराह अवतार की कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बताया कि जब दैत्य हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को रसातल में छिपा दिया था, तब भगवान विष्णु ने वराह अवतार धारण कर पृथ्वी को अपने दंतों पर उठाकर पुनः उसके स्थान पर स्थापित किया। यह कथा इस बात का प्रतीक है कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। श्रीमद् भागवत कथा सुनने दूर-दूर से श्रद्धालु पहंुच रहे हैं।

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