भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ धामनिया जागीर स्थित चारभुजा एवं लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी भंवरदास वैरागी के साथ मारपीट, धमकी और कथित रूप से पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने के आरोपों को लेकर सर्व बैरागी वैष्णव समाज (पुजारी वर्ग) ने पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को ज्ञापन सौंपा। जिसमें आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पुजारी परिवार को सुरक्षा तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि 31 दिसंबर की सुबह करीब 8 बजे मंदिर की सेवा-पूजा कर घर लौट रहे पुजारी भंवरदास (62) को गांव के कुछ लोगों ने एकराय होकर घेर लिया। लाठी, पत्थर और चाकू लेकर आए लोगों ने पुजारी को गाली-गलौच करते हुए मंदिर में दोबारा न आने और परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। पुजारी द्वारा यह कहने पर कि मंदिर की सेवा उन्हें परंपरागत रूप से सौंपी गई है, आरोपियों ने अधिक आक्रामक रुख अपना लिया। बीच-बचाव करने पहुंचे पुजारी के परिजनों के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें कई लोग घायल हुए। आरोप है कि एक परिजन को जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। समाज का कहना है कि आरोपियों ने पुजारी पर ही झूठी सूचना देकर पुलिस को बुलाया। वैरागी समाज ने पुलिस थाना छोटीसादड़ी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की बात सुने बिना ही पुजारी और उनके परिजनों को हिरासत में ले लिया। इतना ही नहीं, थाने पहुंचे अन्य परिजनों को भी डराया-धमकाया गया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने आरोपी पक्ष का समर्थन करते हुए पुजारी परिवार पर मंदिर सेवा और भूमि छोड़ने का दबाव बनाया। समाज का कहना है कि यह पूरा विवाद मंदिर की आड़ में उससे जुड़ी कृषि भूमि पर कब्जा करने की मंशा से रचा गया है। आरोप है कि असामाजिक तत्व बहुसंख्यक होने का दबाव बनाकर पुजारी को बेदखल करना चाहते हैं, जबकि मंदिर सार्वजनिक आस्था का केंद्र है और कभी भी किसी को दर्शन से नहीं रोका गया। ज्ञापन में 13 दिसंबर 1991 के एक परिपत्र पर आपत्ति जताते हुए वर्ष 2018 में पुजारियों के पक्ष में जारी परिपत्र को लागू करने की मांग भी की गई है, ताकि मंदिर, पुजारी और मंदिर भूमि को सुरक्षा मिल सके। सर्व बैरागी वैष्णव समाज ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा पुजारी भंवरदास और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।


