मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में जिले के करीब 48 हजार मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई। अब इन्हें निर्वाचन कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बीएलओ ये नोटिस घर-घर पहुंचा रहे हैं। नोटिस में दी गई तिथि पर संबंधित मतदाता को दस्तावेजों के साथ आरओ यानी एसडीएम या एईआरओ यानी तहसीलदार व नायब तहसीलदार के समक्ष सुनवाई में पहुंचना होगा। सुनवाई 14 फरवरी तक चलेगी। एक दिन में 50-50 मतदाताओं की सुनवाई की जा सकेगी। सुनवाई के बाद ही इन मतदाताओं का नाम 21 फरवरी को जारी होने वाली अपडेट मतदाता सूची में जुड़ पाएगा। जिले में कुल 15 लाख 96 हजार 103 मतदाताओं की मैपिंग होनी थी। इनमें से 48 हजार की मैपिंग किसी कारण से नहीं हो सकी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि जिनका नाम सूची में नहीं है, वे फॉर्म नंबर 6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं, नाम या पते में संशोधन करवाने वाले मतदाता बीएलओ से फॉर्म नंबर 8 लेकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि सुनवाई में कौन-कौन से दस्तावेज लेकर जाना होगा। सुनवाई की प्रक्रिया संतोषजनक रही तो संबंधित मतदाता का नाम सूची में जुड़ जाएगा। एसआईआर को लेकर भाजपा की बैठक आज एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रिय है। भाजपा की संभागीय प्रभारी लता वानखेड़े सोमवार शाम को एसआईआर की प्रक्रिया की समीक्षा बैठक लेने आ रही है। भाजपा नगराध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया वे नगर व ग्रामीण इकाई की संयुक्त बैठक लेंगे। बताया जा रहा है कि दक्षिण विधानसभा में करीब 26 हजार और उत्तर में 13 हजार मतदाता मैपिंग से छूटे हुए हैं।


